बीजापुर , मार्च 02 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जनसंपर्क एवं विकासोन्मुख गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 38वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा सीओबी एडजूम कैम्प परिसर में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में किया गया।
इस कार्यक्रम में ग्राम एडजूम, बड़े टोंडाबेड़ा, दूलुर और गौदारी के लगभग 400 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आईटीबीपी से आज मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिभागियों में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को दैनिक उपयोग एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। वितरित सामग्रियों में स्कूल बैग, नोटबुक, पेन, पेंसिल, स्केच पेन, ज्योमेट्री बॉक्स, रबर, टिफिन बॉक्स, साइकिल, 500 लीटर की सिंटैक्स पानी टंकी, कृषि उपकरण, फुटबॉल, क्रिकेट बॉल, वॉलीबॉल तथा मच्छरदानी शामिल हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक तंत्र का भी सहयोग रहा।
संबंधित गांवों के सरपंच, सचिव, प्रधानाचार्य, शिक्षक तथा अन्य गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए आईटीबीपी की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
ज्ञात हो कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा बल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति के प्रति भी जागरूक किया गया। कमांडेंट के निर्देशानुसार भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है ताकि सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास एवं समन्वय और सुदृढ़ हो सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक सेनानी कप्तान सिंह, 38वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित