बीजापुर , दिसंबर 04 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को हुए भीषण नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने कुल 12 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जबकि इस मुठभेड़ में जिला डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू उर्फ मोहन बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए हैं। इसके अलावा दो अन्य जवान घायल हुए हैं जिनका उपचार जारी है।

शहीद जवानों को गुरुवार सुबह 11 बजे बीजापुर के गंगालूर मार्ग स्थित पुलिस लाइन शहीद वाटिका परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। सुबह पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का समय निर्धारित किया गया, जिसके बाद निर्धारित समय पर वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

शहीदों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिए गए हैं। तीनों शहीद जवान बीजापुर जिले के ही निवासी थे, जिन्हें पूरे क्षेत्र में वीरता और समर्पण के प्रतीक के रूप में याद किया जा रहा है। श्रद्धांजलि समारोह में सुरक्षा बलों का गहरा दुःख और शोक स्पष्ट दिखाई दिया, वहीं स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर शहीदों को नमन किया।

इस मुठभेड़ में मिली 12 नक्सलियों की लाशें सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही हैं, जो क्षेत्र में नक्सलियों की कमजोर होती पकड़ को दर्शाती हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन अभी भी जारी है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बीजापुर पुलिस ने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और नक्सल उन्मूलन की दिशा में अभियान और तेज किया जाएगा।

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