बीजापुर , दिसंबर 03 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर के भोपालपटनम ब्लॉक के बालक आश्रम नरोनापल्ली में शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ है। आश्रम में रहने वाले छात्रों की वास्तविक संख्या मात्र पांच पाई गई जबकि उपस्थिति रजिस्टर में 15 से अधिक बच्चों के नाम दर्ज हैं। आशंका जताई जा रही है कि गांव के बच्चों के नाम कागजों में जोड़कर छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे घोटाले की बू नजर आ रही है।

जानकारी के अनुसार, आवासीय स्कूल के बच्चों ने स्कूल में कार्यरत महेंद्र और विजय पर गाली गलौज से बात करने का आरोप लगाया है। स्कूली बच्चों के अनुसार दोनों शराब पीकर आने के बाद बच्चों को गाली देते हैं और दाल पकने के बाद हल्दी मिर्च डाल देते हैं।

इसी बीच आश्रम में तैनात चपरासी पर छात्रों से गाली-गलौज करने तथा निम्नस्तरीय भोजन परोसने के आरोप भी सामने आए हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें पानी जैसी दाल और पतली सब्जी दी जाती है और कई बार पेट भरने लायक भोजन भी उपलब्ध नहीं होता।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जांच के दौरान मण्डल संयोजक की लापरवाही भी उजागर हुई है। आश्रम का निरीक्षण नियमित रूप से नहीं किया जाता है। पहले भी संबंधित संयोजक पर कार्रवाई हो चुकी है बावजूद उन्हें दोबारा प्रभार सौंपा गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी विजय कोर्राम ने बताया कि मेरे निरीक्षण के दौरान भी आवासीय स्कूलों में सिर्फ पांच मिले थे और मैंने पांच बच्चों की रिपोर्ट ही ऊपर प्रेषित की है।

मामले में संबंधित जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जल्द ही आवश्यक विभागीय कार्रवाई की उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।

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