बीजापुर , नवंबर 04 -- छत्तीसगढ़ शासन की "नियद नेल्ला नार" (नई राह - नए सपने) योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम डोडीतुमनार, थाना गंगालूर में नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प स्थापित किया गया है। यह पहल सुरक्षा, विकास और जनकल्याण के समन्वय का सशक्त उदाहरण है। इस कैम्प की स्थापना का उद्देश्य न केवल स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना भी है।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और समर्पण का परिचय देते हुए इस कैम्प की स्थापना पूरी की। यह कैम्प बीजापुर-गंगालूर-पीड़िया-तर्रेम मार्ग पर सुरक्षा और विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से आसपास के गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य सेवा, स्कूल, पीडीएस दुकानें और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं पहुँच सकेंगी।

जिले में नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर में 22 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप 650 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 196 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं तथा 995 को गिरफ्तार किया गया है। हाल ही में बस्तर संभाग में 210 माओवादियों के सामूहिक आत्मसमर्पण ने भी इस अभियान को नई गति दी है।

इस कैम्प की स्थापना पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., आईजी केरिपु ऑप्स शालिन, डीआईजी कमलोचन कश्यप, एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, तथा केरिपु एवं कोबरा बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में की गई। उनके मार्गदर्शन में यह मिशन न केवल सुरक्षा बल्कि विकास को भी नई दिशा दे रहा है।

वर्ष 2023-24 और 2024-25 में जिले में कुल 44 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। "नियद नेल्ला नार" योजना के तहत अब तक सैकड़ों गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टॉवर और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

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