बीकानेर , फरवरी 05 -- राजस्थान में बीकानेर में तीन दिनों से जारी खेजड़ी बचाओ आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा।

इस दौरान अनशन कर रहे 93 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद डा समीर ने बताया कि इनमें में नौ को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल भेजा गया जबकि अन्य का मौके पर ही उपचार किया गया।

पूर्वाह्न प्राप्त जानकारी के अनुसार कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से बातचीत की। बातचीत के बाद मामला सुलझता नजर आया। श्री विश्नोई ने एक बार अनशनकारियों को मना भी लिया और उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। तभी राज्य सरकार ने जोधपुर और बीकानेर संभाग में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की घोषणा की।

इससे अनशनकारी भड़क गये और आंदोलनकारी फिर अनशन पर बैठ गए। आंदोलन की अगुवाई कर रहे परसराम विश्नोई ने बताया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। जब तक पूरे राज्य में खेजड़ी कटाई पर प्रतिबंध नहीं लग जाता अनशन जारी रहेगा। जो आदेश आया था वह अधूरा है, ऐसे में आमरण अनशन जारी रहेगा।

संतों ने कहा कि भक्तों की भावना थी कि पूरे राजस्थान में रोक लगनी चाहिए। जो आदेश आया वह अधूरा ही था। उन्होंने बताया कि आमरण अनशन चल रहा है।

इससे पहले मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई पूर्वाह्न करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे। मंच से मंत्री केके विश्नोई ने आंदोलनकारियों से अनशन तोड़ने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह लिखकर दे देंगे।

महापड़ाव के तीसरे दिन जिला कांग्रेस समिति देहात के अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, वरिष्ठ नेता मलखान सिंह बिश्नोई, किसनाराम बिश्नोई सहित कई गणमान्य लोगों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि मरुस्थलीय जीवन, संस्कृति और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेजड़ी के संरक्षण को लेकर जब तक प्रशासन और सरकार की ओर से ठोस एवं लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

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