बीकानेर , नवंबर 15 -- राजस्थान में बीकानेर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को जिला स्तरीय 'जनजातीय गौरव दिवस' कार्यक्रम उत्साह पूर्वक मनाया गया।

अटल सेवा केन्द्र परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि बिरसा मुंडा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, जिन्होंने ब्रिटिश उपनिवेशवाद और धर्मांतरण के प्रयासों के विरुद्ध आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा उनकी जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय जनजातीय समुदाय के गौरव, संघर्ष और योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।

श्री व्यास ने कहा कि जनजाति गौरव दिवस मनाने का उद्देश्य न केवल जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देना है, बल्कि उनके उत्थान के लिये योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना भी है। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्थान अभियान, वन धन विकास केन्द्र और एकलव्य मॉडल विद्यालय जैसी प्रमुख योजनाएँ जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा ले।

जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियंका तिलानिया ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। इससे पूर्व भगवान बिरसा मुंडा के चित्र के आगे विधायक व्यास और अन्य अतिथिगणों ने दीप प्रज्जवलित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले अटल सेवा केन्द्र परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में श्री व्यास ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों और राजीविका के स्वयं सेवा समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन जिला परिषद की ओर से किया गया। इस अवसर पर कोलायत और जामसर से आए लोक कलाकारों नाथू खां, शकूर मिरासी, मांगी बाई इत्यादि ने लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी।

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