ढाका , जनवरी 06 -- बंगलादेश में बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात ताकतें 1971 के मुक्ति संग्राम के इतिहास को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगलादेश के अस्तित्व की जड़ें मुक्ति संग्राम में ही निहित हैं और यह उसके अस्तित्व का आवश्यक हिस्सा है।

उन्होंने आगे कहा कि बीएनपी '1971 के मुक्ति संग्राम की आकांक्षाओं को कायम रखने में विश्वास रखता है और देश को आगे बढ़ाते हुए '1990 तथा '1924 के जन-उभार से निकली उम्मीदों के साथ उन्हें आगे बढ़ाएगा।' उन्होंने एक उदार, लोकतांत्रिक और कल्याणकारी राज्य बनाने के अपने नजरिये पर जोर देते हुए कहा कि वे पार्टी के कार्यों को इसी दिशा में निर्देशित करना चाहते हैं ताकि इसे पूरा किया जा सके।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बीएनपी के कार्यवाहक प्रमुख ने ये टिप्पणियां गुलशन स्थित चेयरपर्सन कार्यालय में वामपंथी गठबंधन 'डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट' के नेताओं के साथ बैठक के दौरान कीं। इसकी पुष्टि बांग्लादेशेर समाजतांत्रिक दल (बीएसडी) के सहायक महासचिव राजेकुज्जमान रतन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में भी की है। चुनावी महत्वाकांक्षाओं के अलावा नेताओं ने देश की समग्र राजनीतिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा फरवरी में होने वाले आगामी राष्ट्रीय चुनावों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में बीएनपी और फ्रंट के नेताओं ने कहा कि वे विचारधारा और उद्देश्यों में मतभेद होने के बावजूद रचनात्मक आलोचना और मत व्यक्त करने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर सहमत हैं।

बीएसडी की विज्ञप्ति में कहा गया है, "दोनों पक्षों के नेताओं ने सहमति जताई कि पिछले समय में, पिछली सरकार ने आलोचकों को देशद्रोही और विकास-विरोधी करार देकर उन्हें प्रताड़ित किया था। वे इस बात पर सहमत हुए कि भविष्य में किसी को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"फ्रंट के नेताओं ने श्री तारिक रहमान को बताया कि 2024 के जन-उभार ने देश को मुक्ति संग्राम के रास्ते पर वापस लाने का अवसर पैदा किया है। लेकिन स्वतंत्रता-विरोधी समूह देश में चरम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। वे मुक्ति संग्राम को मिटाना चाहते हैं और देश को 1947 की स्थिति में वापस ले जाना चाहते हैं।

डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल में सीपीबी प्रेसिडियम सदस्य मुजाहिदुल इस्लाम सेलिम, अध्यक्ष काजी सज्जाद जाहिर चंदन, महासचिव अब्दुल्लाह अल काफ़ी रतन और बीएनपी महासचिव मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर शामिल थे। इसके बाद गणसंहति आंदोलन के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व इसके मुख्य समन्वयक जोनायेद साकी कर रहे थे, ने भी बीएनपी कार्यवाहक अध्यक्ष से मुलाकात की और राजनीति तथा आगामी चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

नागरिक एकता के अध्यक्ष महमूदुर रहमान मन्ना, अमार बांग्लादेश (एबी) पार्टी के अध्यक्ष मोजिबुर रहमान मन्जू, लेबर पार्टी के अध्यक्ष मोस्तफिजुर रहमान ईरान और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के नेता जुनैद अल हबीब सहित अन्य ने भी अलग-अलग बीएनपी कार्यवाहक अध्यक्ष से मुलाकात की।

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