वाराणसी , नवंबर 1 -- परीक्षा के दौरान छात्रों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कल्याणकारी सेवा प्रकोष्ठ (डब्ल्यूबीएससी) द्वारा परीक्षा तनाव प्रबंधन क्लिनिक का शुभारंभ शनिवार को छात्र कल्याण केंद्र में किया गया। यह क्लिनिक 1 नवंबर से 30 जनवरी 2026 तक संचालित होगी, जहां छात्र परीक्षा संबंधी तनाव, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा कर सकेंगे।
इस क्लिनिक का प्रमुख उद्देश्य छात्रों को सहयोग प्रदान करना है। एक ऐसा वातावरण बनाना जहां छात्र बिना किसी भय या संकोच के अपनी बात कह सकें। तनाव प्रबंधन तकनीकों की शिक्षा पर विस्तृत जानकारी देकर छात्रों का सहयोग किया जाएगा।
छात्रों की मानसिक सहनशक्ति को मजबूत करना ताकि वे परीक्षा के दबाव का सामना कर सकें। क्लिनिक के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भावनात्मक संतुलन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पहले दिन ही विभिन्न संकायों के 17 छात्रों ने समूह परामर्श सत्र में भाग लिया, जिसका संचालन छात्र परामर्शदाता नित्यानंद तिवारी द्वारा किया गया। इस सत्र में परीक्षा तनाव के कारणों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। अगले सप्ताह से प्रत्येक मंगलवार विभिन्न विषयों के प्रोफेसर छात्रों से संवाद करेंगे और परीक्षा संबंधी चुनौतियों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह पहल कल्याणकारी सेवा प्रकोष्ठ की छात्रों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ भावनात्मक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दिया जाता है।
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