वाराणसी , फरवरी 11 -- लोकप्रिय ग़ज़लकार तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ अनूप ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय काव्य समारोह 'द पोएटिक हार्ट' के 15वें संस्करण में हिन्दी कविता का प्रतिनिधित्व किया।
दुबई में आयोजित इस समारोह में ग्यारह विभिन्न भाषाओं के कवियों ने काव्यपाठ किया। ज़बील लेडीज हाल में खचाखच भरी सभा में प्रो. अनूप की ग़ज़लों के हर शेर पर देर तक तालियाँ गूँजती रहीं।
उनकी ग़ज़लें वहाँ सर्वाधिक सराही गईं। विशेष रूप से उनका प्रसिद्ध शेर-"बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वे झुककर खड़े हैं"-श्रोताओं ने बार-बार सुना और भरपूर सराहा। उन्हें 'पोएटिक हार्ट' ट्रॉफी से सम्मानित भी किया गया। उनकी ग़ज़लें अंग्रेजी अनुवाद सहित डिस्प्ले की गईं।
इसके अलावा, 8 फरवरी को शारजाह में आयोजित काव्य समारोह में प्रो. अनूप ने 'जीवन में साहित्य की आवश्यकता' विषय पर वक्तव्य दिया। उन्होंने लगभग आधे घंटे तक अपनी ग़ज़लों और गीतों का प्रभावशाली पाठ किया।
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