वाराणसी , फरवरी 17 -- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केंद्रीय कार्यालय के बाहर मंगलवार को छात्रों के एक समूह ने सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड मौके पर पहुंच गया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात रहा। छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारी छात्र विपुल सिंह ने आरोप लगाया कि सेंट्रल हिंदू स्कूल में कक्षा-9 में छात्राओं के लिए सीटों की संख्या शून्य कर देना विश्वविद्यालय की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्राओं को प्रतिभा के आधार पर प्रवेश का अवसर मिलना चाहिए और केवल छात्रों को प्रवेश देना अनुचित है।
छात्रों ने मांग की कि कक्षा-9 में अतिरिक्त सेक्शन बनाकर सीटें बढ़ाई जाएं या सभी सीटों पर प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया लागू की जाए। इसके अलावा कक्षा-6 में प्रवेश के लिए कोरोना काल से स्थगित प्रवेश परीक्षा बहाल करने तथा लॉटरी सिस्टम समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 2026 की सभी कक्षाओं के लिए हॉस्टल आवंटन संबंधी सीटों की स्पष्ट जानकारी बुलेटिन में प्रकाशित करने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
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