पटना , फरवरी 03 -- अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महासचिव मीना तिवारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली बिहार सरकार आज बेटियों के हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली सरकार बन चुकी है।

'बेटी बचाओ-न्याय यात्रा' के तहत आज पटना के बुद्ध स्मृति पार्क में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) और ऐपवा के संयुक्त आह्वान पर एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में बिहार सरकार के खिलाफ आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह असफल रही है।जनसुनवाई में विशेष रूप से नीट छात्रा कांड को उठाते हुए कहा गया कि इस मामले में अपराधियों को बचाने के लिए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सरकार और पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है और पीड़ित परिवार को न्याय से वंचित किया जा रहा है।

ऐपवा की महासचिव ने जनसुनवाई को संबोधित करते हुए कहा कि अब छिपा हुआ सच नहीं, बल्कि एक कड़वी हकीकत है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार आज बेटियों के हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली सरकार बन चुकी है।उन्होंने कहा कि शंभू और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल कांड में साक्ष्य मिटाने, गवाहों को डराने और प्रभावशाली अपराधियों को बचाने के लिए प्रशासन ने खुलकर काम किया है।

ऐपवा महासचिव ने कहा कि कि केवल केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की घोषणा से न्याय नहीं होगा, बल्कि सर्वाच्च न्यायालय के प्रत्यक्ष निर्देशन में समयबद्ध और निष्पक्ष जांच जरूरी है, जिससे दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

इस अवसर पर विधान पार्षद शशि यादव ने कहा कि एक ओर सरकार राज्यपाल के अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर राज्य में छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा मगध क्षेत्र से होते हुए पूरे बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की आवाज बुलंद करेगी।

बिहार राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मंजू प्रकाश ने कहा कि औरतों को जन्म से ही आज़ादी और सम्मान का अधिकार मिलता है, लेकिन जब वे अपने अधिकारों की मांग करती हैं तो उन्हें हर स्तर पर निशाना बनाया जाता है। इस हालात को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज़ादी महिलाओं का हक है।

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