, Feb. 3 -- उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत तीन हजार रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा भी इस बजट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश किया गया है। स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए 68,216.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो किसी भी विभाग में सर्वाधिक है। यह सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
श्री चौधरी ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। स्वास्थ्य के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास के लिए 23,701.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में विकसित करने, प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है। इसके साथ ही हर खेत तक पानी, गंगा जल आपूर्ति योजना तथा बिजली उत्पादन और खपत बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग के क्षेत्र में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच नए एक्सप्रेस-वे, सौर ऊर्जा का विस्तार, गरीबों के लिए सस्ता आवास, खेल और पर्यटन सुविधाओं का विकास तथा बुजुर्गों को घर बैठे स्वास्थ्य एवं संपत्ति पंजीकरण जैसी सुविधाएं इस बजट को जनकल्याणकारी बनाती हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार बजट 2026-27 राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की मजबूत नींव रखता है और आने वाले वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास की दिशा तय करेगा।
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