, April 23 -- इस अवसर पर आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह के साथ भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बातचीत का मुख्य केंद्र इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग को और मजबूत करना, इनोवेशन को बेहतर सपोर्ट देना और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर तैयार करना रहा। यह पहल राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें रिसर्च और उद्यमिता को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर है।

एफडीडीआई बिहटा में सचिव ने स्किल डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री प्रैक्टिसेस पर चर्चा की, छात्रों की प्रेजेंटेशन देखी और उनकी क्रिएटिविटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्कशॉप्स और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग युवाओं को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने में बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी दिशा में, उद्योग विभाग द्वारा लेदर फुटवियर एक्सेसरीज़ पार्क स्थापित करने की योजना भी आगे बढ़ रही है, जो राज्य के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूत करेगी।

हीरो साइकिल्स लिमिटेड, बिहटा के दौरे के दौरान सचिव ने यूनिट की उत्पादन क्षमता और संचालन व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया। लगभग सात एकड़ में फैली यह यूनिट करीब 500 लोगों को रोजगार दे रही है और राज्य के औद्योगिक विकास में अहम योगदान कर रही है। उन्होंने प्रबंधन के साथ बातचीत कर चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की और यूनिट को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

यह दौरा साफ तौर पर दिखाता है कि बिहार अब नवाचार, कौशल और उद्योग तीनों क्षेत्रों में संतुलित और तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। लगातार प्रयासों और सही दिशा में उठाए गए कदमों के साथ, राज्य स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरिंग और नए उद्योगों के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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