पटना , नवंबर 03 -- बिहार में छह नवंबर को प्रथम चरण के 121 सीटों पर होने वाले चुनाव में पांच सीटों पर महागठबंधन के प्रत्याशियों के बीच 'दोस्ताना' मुकाबला होगा।
बिहार में इस बार के चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी)शामिल है।
बिहार में पहले चरण के चुनाव में महागठबंधन के घटक राजद ने 71, कांग्रेस ने 24, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने 14, भाकपा ने पांच, माकपा और आईआईपी ने तीन-तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये है। इनमें से पांच सीटें वैशाली, राजापाकड़ (सुरक्षित), बिहारशरीफ,बछवाड़ा और बेलदौर में कई प्रत्याशी अपने ही गठबंधन के योद्धाओ को चुनौती देते नजर अयेंगे।इन सीटों में चार वैशाली,बिहारशरीफ,बछवाड़ा और बेलदौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) जबकि एक सीट राजापाकड़ (सुरक्षित) पर कांग्रेस का कब्जा है। इनमें से तीन सीटें बछवाड़ा, राजापाकड़ (सुरक्षित) और बिहारशरीफ में भाकपा और कांग्रेस के प्रत्याशी अन्य दलों के प्रत्याशियों के साथ महागठबंधन के अंदर भी चुनौती देते नजर आ रहे हैं। जहां वैशाली में कांग्रेस और राजद आमने-सामने हैं, वहीं बैलदौर में कांग्रेस और आईआईपी के उम्मीदवार एक दूसरे के लिये मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
वैशाली विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने विधायक सिद्धार्थ पटेल को प्रत्याशी बनाया है, वहीं राजद ने यहां अजय कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है।कांग्रेस ने यहां संजीव सिंह को अखाड़े में उतारकर राजद प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ा दी है। पूर्व मंत्री निर्दलीय प्रत्याशी वृषण पटेल फिर से यहां अपना जलवा दिखााने के लिये बेताब है। श्री पटेल यहां वर्ष 1980,1985,1990,2005 फरवरी ,2005 अक्टूबर और वर्ष 2010 में चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2015 में जदयू के राजकिशोर सिंह ने हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (हम) के वृषण पटेल को 31061 मतों से मात दी थी। इस सीट पर 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हैं।
राजापाकड़ (सुरक्षित) सीट से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री रामसुंदर दास की रिश्तेदार विधायक प्रतिमा कुमारी दास को उम्मीदवार बनाया है। इस बार के चुनाव में भाकपा के मोहित पासवान चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा कुमारी दास के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। वहीं जदयू ने यहां महेन्द्र राम को चुनावी अखाड़े में उतारा है। वर्ष 2020 के चुनाव में कांग्रेस की प्रतिमा दास ने जदयू के महेन्द्र राम को पराजित किया था। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर दिवगंत राम विलास पासवान के दामाद धनंजय कुमार ने चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा। इस सीट पर 14 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुये हैं।
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी एवं वर्तमान सरकार के मंत्री डॉ. सुनील कुमार चुनावी मैदान में सिक्सर लगाने के लिये बेताब है, जबकि उनसे लोहा लेने के लिये कांग्रेस ने यहां नये खिलाड़ी उमैद खान को खड़ा किया है। भाकपा के शिव कुमार यादव भी यहां से उम्मीदवार हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशी के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।भाजपा के डॉक्टर सुनील कुमार ने फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010, 2015 और 2020 में जीत हासिल की है। वर्ष 2020 के चुनव में डॅा. सुनील ने राजद के सुनील कुमार को मात दी थी। पूर्व विधायक नौशादुन नवी उर्फ पप्पू खान की पत्नी निर्दलीय उम्मीदवार आफरीन सुलताना तीसरे नंबर पर रही थी। बिहारशरीफ में 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में जोर आजमा रहे हैं।
बछवाड़ा सीट पर भाजपा के टिकट पर खेल मंत्री और विधायक सुरेन्द्र मेहता चुनावी समर में उतरे हैं, वहीं भाकपा ने यहां पूर्व विधायक अवधेश राय को चुनावी दंगल में उतारा है। वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के श्री मेहता ने भाकपा के श्री राय को कड़े मुकाबले में पराजित किया था। भाजपा के उम्मीदवार श्री मेहता भाकपा के अवधेश कुमार राय से मात्र 484 वोट के अंतर से चुनाव जीतने में सफल हुये थे।निर्दलीय उम्मीदवार पूर्व मंत्री रामदेव राय के पुत्र गरीब दास तीसरे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास कांग्रेस के टिकट पर जोर आजमा रहे हैं, जो भाकपा प्रत्याशी के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। पूर्व मंत्री रामदेव राय यहां पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।अवधेश राय, बछवाड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। बछवाड़ा में आठ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं।
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