पटना , जनवरी 24 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक भाई वीरेंद्र ने शनिवार को अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाया और कहा कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने अपने प्रभाव से टिकट बेचे, जिसके कारण राजद को करारी हार का सामना करना पड़ा।
श्री वीरेंद्र ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए गहन जांच की जानी चाहिए।
राजद विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ पार्टी नेताओं की संदिग्ध भूमिका के कारण राजद ने चुनाव में वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ नेता के पास तीन जिलों रोहतास, कैमूर और बक्सर की जिम्मेदारी थी, लेकिन उनका व्यवहार, आचरण और सिद्धांत समाजवादी भावना के अनुकूल नहीं था।
राजद विधायक ने कहा कि एक खास नेता टिकट आवंटन में गलत उम्मीदवारों के चयन के लिए जिम्मेदार थे, जिसके कारण राजद का प्रदर्शन खराब रहा। उन्होंने पार्टी से मांग की कि ऐसे नेताओं को बेनकाब करने के लिए गहन जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजद के पूर्व विधायक और एक ईमानदार एवं प्रतिबद्ध कार्यकर्ता विजय मंडल को गलत चयन के कारण पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट नहीं दिया गया।
इस बीच राजद विधायक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि उनके आरोपों से यह आशंका अब सच में तब्दील हो गई है कि राजद में टिकट बेचे गए। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को करारी हार झेलनी पड़ी।
गौरतलब है कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को केवल 25 सीटें मिली थीं, जो वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में जीती गई 75 सीटों की तुलना में भारी गिरावट है।
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