पटना , नवम्बर 06 -- बिहार ने विधानसभा के पहले चरण के मतदान में सबसे ज्यादा 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज कर गुरुवार को राज्य के चुनावी इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाया।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान में करीब 3.75 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह आंकड़ा 1951 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मुकाबले सबसे ज्यादा है।

आयोग ने बताया कि 1951 से 2024 के बीच हुए लोकसभा चुनावों में अब तक का सर्वाधिक मतदान 64.6 प्रतिशत वर्ष 1998 में हुआ था, जबकि विधानसभा चुनावों में 62.57 प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड साल 2000 में बना था।इस बार 64.66 प्रतिशत मतदान के साथ बिहार ने मतदान प्रतिशत का अब तक का सभी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो मतदाताओं की बढ़ती जागरूकता और लोकतंत्र के प्रति विश्वास का प्रतीक है।

बिहार विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव के लिये कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुए मतदान में दोनों उप मुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, 15 मंत्रियों तथा महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव समेत 1314 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गयी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने यहां संवाददाताओं को बताया कि जिला मुख्यालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले चरण में 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ है। उन्होंने बताया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा।

इस चरण में जिन दिग्गजों की किस्मत का फैसला मतदाताओं ने किया है उनमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से दोनों उप मुख्यमंत्री के अलावा 15 मंत्री हैं जिनमें विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पाण्डे, मदन सहनी, नितिन नवीन, महेश्वर हजारी, सुनील कुमार, रत्नेश सदा, केदार प्रसाद गुप्ता, सुरेन्द्र मेहता, संजय सरावगी, डा. सुनील कुमार, जिवेश कुमार, राजू कुमार सिंह और कृष्ण कुमार मंटू तथा विधानसभा उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव, श्याम रजक, अनंत सिह, अमरेन्द्र पांडेय, हरिनारायण सिंह, उमेश कुशवाहा और मैथिली ठाकुर भी शामिल हैं।

इसी तरह महागठबंधन से जिन दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला मतदाताओं ने किया उनमें मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव के अलावा अवध बिहारी चौधरी, डा. रामानंद यादव, वीणा देवी,ललित कुमार यादव, विजेन्द्र चौधरी, रेणु कुशवाहा, खेसारी लाल यादव,आलोक मेहता,भाई वीरेन्द्र, अनिरूद्ध यादव,अवधेश राय शामिल है।

इनके अलावा अन्य नेताओं में तेज प्रताप यादव, शिवदीप लांडे,वी.के.रवि, जयप्रकाश सिंह, आर.के.मिश्रा, राम नारायण सिंह, पुष्पम प्रिया, के.सी. सिन्हा भी इस चरण में चुनाव मैदान में थे।

इस चरण में राजग के घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के 57, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के दो उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमायी।

महागठबंधन के घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 71, कांग्रेस के 24, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) के 14, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के छह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पांच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के तीन-तीन उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के 118 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमाया ।

दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा, जिसमें 122 सीटों के लिए मतदान कराया जायेगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

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