, April 9 -- उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करने को तैयार है, लेकिन जो मांगें विभागीय या नीतिगत कारणों से पूरी नहीं की जा सकतीं, उन पर अडिग रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय की आड़ में गलत कार्य करने का अधिकार किसी को नहीं है और सभी कार्रवाई नियमों के अनुसार ही संभव है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग दबाव की राजनीति कर रहे हैं, जो समाधान का रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी भी 589 राजस्व सेवा के अधिकारी कार्यरत हैं। ऐसे जो अधिकारी काम कर रहे हैं उनके प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति है। ऐसे ही अधिकारियों के काम से इस अवधि में भी जनता का काम हो रहा है। आज तक दाखिल-खारिज के 23449, परिमार्जन के 96469 और ई मापी के 14220 मामलों का निष्पादन किया गया है। उन्होंने हड़ताली अधिकारियों से अपील की कि वे संवाद की प्रक्रिया में सकारात्मक भागीदारी करें ताकि आम जनता से जुड़े राजस्व कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

श्री सिन्हा ने अंतिम समय देते हुए कहा कि शुक्रवार की शाम तक काम पर वापस लौट आनेवालों की नौकरी ब्रेक नहीं होगी और पदोन्नति की संभावना बनी रहेगी लेकिन जो नहीं लौटेंगे उनके लिए सहानुभूति और पदोन्नति की उम्मीद समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आमजनों की समस्या के समाधान के उद्देश्य से सरकार नई बहाली का रास्ता अख्तियार करेगी।

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