, Jan. 6 -- विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल से कहा कि टॉप 5 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की एक विशेष टीम बनाई जायेगी, जो कमजोर प्रदर्शन वाले अनुमंडलों में जाकर तेज निष्पादन सुनिश्चित करेगी।
इससे पूर्व प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव गोपाल मीणा ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों के निष्पादन में शिथिलता अब किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक के एजेंडा के तहत परिमार्जन प्लस, दाखिल-खारिज एवं अपीलवाद के लंबित मामले (अभिलेख सहित), बिहार भूमि-विवाद निवारण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत लंबित वाद, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा राजस्व कर्मियों के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण से जुड़े बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान हर अधिकारी की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा कर सुधार के निर्देश दिए गए।
प्रधान सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लैंड बैंक बनाना है। ऐसे में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में ढिलाई गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों की नियमित मॉनिटरिंग हो और कार्यों में रुचि नहीं लेने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करें।
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