, April 9 -- अपराध नियंत्रण और जाली मुद्रा के खिलाफ भी प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। पूर्वी चम्पारण में हाल ही में 18,500 भारतीय और 25 लाख नेपाली जाली नोटों के साथ 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है । इसी प्रकार सीतामढ़ी में 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए हैं। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सीतामढ़ी प्रशासन ने जनवरी माह में ही 11.66 लाख रुपये से अधिक की राशि रिफंड कराई है। इसके अतिरिक्त, फर्जी पहचान पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए मधुबनी और अररिया में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।

सीमा स्तंभों के रखरखाव और सत्यापन के लिए आधुनिक तकनीक और संयुक्त सर्वेक्षण का सहारा लिया जा रहा है। पूर्वी चम्पारण के 1,237 और मधुबनी के 358 स्तंभों की नियमित निगरानी की जा रही है। किशनगंज और सीतामढ़ी में क्षतिग्रस्त या गायब स्तंभों की मरम्मत के लिए 'फील्ड सर्वे टीम' की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं सुपौल जिले में सभी क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया गया है । सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसके तहत उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका जैसे देशों के नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II' के तहत सैकड़ों गांवों का चयन किया गया है। मधुबनी में 36 गांवों के लिए 253 विकास योजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है, और भारत सरकार द्वारा 250 अतिरिक्त गांवों को भी जोड़ा गया है। सीतामढ़ी के चार प्रखंडों में 24.66 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी और मॉडल एग्री फार्म जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। किशनगंज में इस कार्यक्रम के लिए 112.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं । साथ ही, इन क्षेत्रों में कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिये ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय के प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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