, Feb. 3 -- कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प के तहत बिहार एपी इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का गठन कर प्रारंभिक चरण में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत छंटाई एवं ग्रेडिंग यूनिट, कोल्ड चेन चौम्बर्स, गोदाम एवं प्रोसेसिंग सेंटरों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, सुगंधित चावल की किस्मों, श्री अन्न, नकदी एवं एक्जोटिक फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

श्री यादव ने बताया कि बिहार को कृषि स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने, जी.आई टैग प्राप्त उत्पादों के लिए समर्पित बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण हाटों के समग्र विकास के लिये बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन के गठन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के 53 कृषि उपज बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण का कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 20 बाजार ई-नाम से जुड़ चुके हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना प्रारंभ की जाएगी, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष 3000 रुपये अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि सात निश्चय-3 (वर्ष 2025-2030) के अन्तर्गत विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी कार्यक्रम के संकल्प के अधीन दलहनी फसलों के कुल उत्पादन 3.93 लाख मीट्रिक टन को लगभग 11.27 लाख मीट्रिक टन, तेलहनी फसलों के कुल उत्पादन 1.24 लाख मीट्रिक टन को लगभग 4.81 लाख मीट्रिक टन, मक्का का कुल उत्पादन 66.02 लाख मीट्रिक टन को लगभग दोगुना 133.05 लाख मीट्रिक टन तथा फलों का आच्छादन 2.58 लाख हे० से बढ़ाकर अगले 05 वर्षों में 3.60 लाख हे. तथा कुल उत्पादन 383.91 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 679.19 लाख मीट्रिक टन करने एवं सब्जियों का कुल उत्पादन 180 लाख मीट्रिक टन को दोगुना कर 360 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है।

श्री यादव ने कहा कि चतुर्थ कृषि रोडमैप (2023-28) के अंतर्गत दलहन, तेलहन, मक्का, फल एवं सब्जी उत्पादन को दोगुना करने सहित बीज विकास, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, कृषि यांत्रिकरण, जलवायु अनुकूल कृषि, बागवानी विकास, कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार से जुड़े कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयन किया जायेगा।

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