, Feb. 12 -- बिहार रामकृपाल दलहन उत्पादन तीन अंतिम पटनाभारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (आईसीआरआईईआर) के प्रख्यात प्रोफेसर पद्मश्री डॉ. अशोक गुलाटी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने, उत्पादन बढ़ाने और निर्यात को गति देने के लिए मजबूत और संगठित वैल्यू चेन स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बिहार में पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा सड़क आधारभूत संरचना में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। इन दोनों कारकों का बाजार से सीधा संबंध है, क्योंकि बेहतर सुरक्षा और परिवहन सुविधा से निवेश, व्यापार और कृषि विपणन को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसानों को वास्तविक लाभ अर्जित करना है तो उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर हाई वैल्यू एग्रीकल्चर की ओर कदम बढ़ाना होगा।

डॉ. गुलाटी ने कहा कि बिहार में उपलब्ध सस्ता और प्रचुर श्रम उत्पादन तथा कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार के लिए बड़ी ताकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बिहार के कम पानी वाले क्षेत्रों में दलहन फसलों को प्रोत्साहित किया जा सकता है, जबकि उत्तरी बिहार में गन्ने से इथेनॉल उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही, लीची जैसे उत्पादों के प्रसंस्करण के बाद उनके प्रभावी प्रचार-प्रसार और ब्रांडिंग पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि समय की माँग है कि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं। नई तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अब उद्यानिकी क्षेत्र की ओर निर्णायक कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। फल, सब्जी और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के विस्तार से आय के नए अवसर सृजित होंगे। यदि संगठित प्रयास किए जाएं तो उद्यानिकी के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

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