, March 15 -- कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि इस मेले में कृषि यंत्रों के निर्माताओं एवं विक्रेताओं की व्यावसायिक बैठक के साथ-साथ यंत्र निर्माताओं और विभागीय पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में कृषि विभाग के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।उन्होंने बताया कि मेले में कृषि यंत्रों के साथ-साथ उद्यान, बीज, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण, उर्वरक तथा प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों से संबंधित स्टॉल लगाए गए, जहाँ इन उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई। इसके अतिरिक्त एग्रो-प्रोसेसिंग से जुड़े यंत्रों का भी प्रदर्शन किया गया तथा उनकी बिक्री की व्यवस्था की गई।

कृषि निदेशक ने बताया कि इस वर्ष इस मेला में राज्य के किसानों ने बड़ी संख्या में कृषि यंत्रों की खरीदारी कर सरकार की महत्वकांक्षी योजना का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि इस मेला में चार दिनों में कुल 395 कृषि यंत्रों का क्रय पर कुल 1.85 करोड़ रूपये से अधिक का अनुदान दिया गया। इन यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 4.78 करोड़ रूपये है।

आज इस मेला में पटना, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मधेपुरा, सुपौल तथा सहरसा जिले के 1840 किसानों ने भाग लिया। आज तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 35 हजार से अधिक किसान/आगन्तुक आये।

इस समारोह में सभी कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों एवं विभागीय पदाधिकारियों के बीच प्रमाण-पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए बिरला टायर्स को प्रथम पुरस्कार, हेवेल्स इण्डिया को द्वितीय पुरस्कार एवं शक्तिमान को तृतीय पुरस्कार दिया गया।

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