, April 13 -- प्रधान सचिव ने कहा कि पिछले दो महीनों से राजस्व कर्मचारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है, जिसके कारण एक प्रकार की गतिरोध (स्टेलमेट) की स्थिति बन गई है। इससे आम लोगों को राजस्व सेवाएं प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राजस्व कर्मचारियों के नियुक्ति प्राधिकार और अनुशासनिक प्राधिकार समाहर्ता होते हैं। यद्यपि कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक है, लेकिन इससे समाहर्ताओं की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। इसलिए समाहर्ताओं को अपने अधिकारों और दायित्वों का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता है।

प्रधान सचिव ने कहा कि जब जमीनी स्तर पर कर्मी हड़ताल पर रहते हैं या फिर मुंशी और दलालों के माध्यम से काम कराया जाता है, तब संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार केवल कागजी बनकर रह जाते हैं। इससे आम नागरिकों को उचित आर्थिक न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न होती है।उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य राज्य के 4.5 करोड़ जमाबंदीदारों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की रिश्वत या बिचौलियों का सहारा न लेना पड़े।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित