, March 14 -- कार्यशाला के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजस्व प्रशासन को तकनीक के साथ जोड़ते हुए उसे अधिक आधुनिक, दक्ष और जनोन्मुख बनाया जाएगा। उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल को राजस्व कार्यों की गुणवत्ता और गति बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेश सुहर्ष भगत, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, श्रीमती सुधा रानी, श्रीमती सोनी कुमारी, नवाजिश अख्तर, उप सचिव डॉ. सुनील कुमार सिंह तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों को राजस्व कार्यों में तेजी लाने के लिए विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने पर काम कर रही है।उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से म्यूटेशन अपील और बीएलडीआर एक्ट से संबंधित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। इससे आम जन को समयबद्ध न्याय मिलेगा। सभी डीसीएलआर और डाटा इंट्री ऑपरेटर को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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