पटना , जनवरी 03 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सबका सम्मान-जीवन आसान उद्देश्य के तहत 80 वर्ष या उससे ज्यादा की उम्र के लोगों को घर पर ही जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री करने की सुविधा देने का फैसला किया है।
बिहार में बुजुर्गों को घर पर ही जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को यह घोषणा की है।
श्री कुमार ने एक्स पर लिखा, "20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। " उन्होंने कहा, सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर सरकार लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।
श्री कुमार ने कहा, कई बार ऐसा देखा गया है कि राज्य के वृद्धजनों, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे ज्यादा है, उन्हें जमीन/ फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों के निष्पादन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में 80 वर्ष या उससे ज्यादा की उम्र के वृद्धजनों के लिए जमीन/ फ्लैट के निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
श्री कुमार ने बताया कि अब राज्य के वैसे वृद्धजनों, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक है तथा वे जमीन/ फ्लैट की रजिस्ट्री करना चाहते हैं तो जरूरत पड़ने पर उन्हें घर पर ही जमीन निबंधन से संबंधित सभी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसे लेकर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा चलंत निबंधन इकाई के माध्यम से दस्तावेजों के निश्चित समय-सीमा के अन्तर्गत निबंधन की सुविधा प्रदान की जायेगी। आवेदक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा जमीन/फ्लैट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया सात कार्य दिवस के अंदर सुनिश्चित की जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि प्रायः ऐसा देखा जाता है कि जमीन खरीदने के इच्छुक व्यक्ति को संबंधित भूमि के संबंध में अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं होती है जिस कारण उन्हें समस्या होती है। इसे ध्यान में रखते हुये भूमि की रजिस्ट्री के पूर्व भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी क्रेता/ विक्रेता को प्रदान करने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत आवेदकों के अनुरोध पर आवेदन करने के पश्चात् निबंधन विभाग द्वारा अंचल कार्यालय से भूमि की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर क्रेता को उपलब्ध करा दी जायेगी। इससे आवेदकों को काफी सुविधा होगी और उन्हें जमीन के बारे में सही जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इन व्यवस्थाओं को एक अप्रैल 2026 के प्रभाव से लागू करने का निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया गया है।
श्री कुमार ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य के 80 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के वृद्धजनों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन और भी आसान होगा। साथ ही भूमि के बारे में अद्यतन सही जानकारी देने की व्यवस्था से सभी लोगों को काफी फायदा होगा।
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