पटना , नवंबर 18 -- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र और इसके साथ सक्रिय ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती हवाओं का घेरा मौसम में बदलाव का संकेत दे रहा है हालांकि, इसका प्रत्यक्ष प्रभाव फिलहाल बिहार में फिलहाल नहीं दिखेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है और आगामी पांच दिनों तक आसमान साफ तथा मौसम शुष्क बना रहेगा।
पिछले कुछ दिनों से दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके कारण राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड का असर महसूस होने लगा है। सुबह और शाम हल्का कुहासा छाने की संभावना है, जो दृश्यता पर असर डाल सकता है। हवा में नमी की मात्रा 61 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई है, जिससे रात के समय ठंड और अधिक बढ़ सकती है। दिन में हल्की धूप राहत देगी, लेकिन सूरज ढलते ही ठिठुरन तेज़ हो जायेगी।
सिर्फ ठंड ही नहीं, हवा की गुणवत्ता भी बिहार में चिंता का विषय बनती जा रही है। राज्य में समग्र एक्यूआई 150 तक पहुंच चुका है जो 'मॉडरेट से खराब' श्रेणी में माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिये हानिकारक हो सकता है।
राजधानी पटना में इन दिनों मौसम पूरी तरह शुष्क है। न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, लेकिन अगले कुछ दिनों में इसमें 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना जताई गई है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड में और इजाफा दर्ज हो सकता है।
पिछले 24 घंटों में गया राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि पटना का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है, जिससे सुबह और शाम की ठंड और बढ़ेगी।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने और आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। उत्तरी दिशा से आ रही ठंडी हवायें बिहार के कई जिलों में सर्दी को और बढ़ा रही हैं।
मौसम विभाग ने कटिहार, पूर्णिया, अररिया, खगड़िया और किशनगंज के लिये विशेष चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सुबह के समय तेज़ ठंडी हवा के साथ अधिक ठंड महसूस हो सकती है और तापमान में लगातार गिरावट जारी रहेगी।
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