पटना , अप्रैल 03 -- ारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने बिहार में छोटी छोटी बच्चियों और महिलाओं पर बढ़ते जुल्म, अत्याचार एवं बलात्कार की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्री पाण्डेय ने आज आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था चैपट हो गई है। पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय अपराधियों को बचाने में लगी हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सरकार में अपराधियों और गुंडों का मनोबल बढ़ा हुआ है। पूरे बिहार में गुंडा राज कायम हो गया है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि हाल ही में नालंदा जिले के नूरसराय में महिला के साथ घटी जघन्य अपराध की घटना, मधुबनी जिले के मधवापुर में महिला को बांध कर पीटने की घटना, सहरसा में ईंट भट्ठा पर नावालिग लड़कियों के शोषण एवं अभद्र व्यवहार की घटना, सारण में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना, पटना में नीट छात्रा के साथ घटी घटना ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। सभी मामले में अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले की लीपापोती की गई है। नूरसराय की घटना 26 मार्च 2026 की है और 27 मार्च को थाने में मामला दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस सोई रही। उन्होंने कहा कि जब घटना का वीडियो वायरल हुआ तब जाकर पुलिस जगी और दो अपराधियों की गिरफ्तारी की है। इस तरह की घटना पूरे बिहार में हो रही है। पुलिस ही मामले को दबाने में लगी हुई है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार में अब कानून का राज नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि नूरसराय के जघन्य घटना, सारण, मधुबनी, सहरसा में ईंट भट्ठे पर लड़कियों के शोषण, पटना गल्र्स हॉस्टल की जघन्य घटना, खगड़िया में चार वर्ष के मासूम के साथ बलात्कार, सारण के भेल्दी में छात्र शिवम की हत्या आदि घटनाएँ यह साबित कर रही है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है और बिहार में अपराधियों का राज चल रहा है।

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