पटना, अक्टूबर 25 -- बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में मुसलमानों के पिछड़ेपन की मुख्य वजह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू यादव और उनका परिवार हैं, जिन्होने मुसलमानों से झोला भर के वोट तो लिया, लेकिन उनकी हैसियत झोला ढोने वालों से ज्यादा बढ़ने नही दी।

श्री इकबाल ने बयान जारी कर कहा कि सत्ता में रहते हुए श्री यादव के पास बहुत से मौके थे, जब वो समर्थन के बदले मुस्लिम समाज के हितों की रक्षा कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया। उन्होंने कहा कि श्री यादव ने इस बार के बिहार चुनाव में किसी मुस्लिम चेहरे को उपमुख्यमंत्री बनाने लायक भी नही समझा। उन्होंने कहा कि श्री यादव और उनके परिवार के लोगों ने मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और लगातार ठगते रहे हैं।

भाजपा के मीडिया प्रभारी ने कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले श्री यादव ने कभी मुस्लिम नौजवानों को अच्छी तालीम देने और समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश नही की। उन्होंने कहा कि श्री यादव को डर था कि मुसलमान शिक्षित हो जाएंगे, उन्हें रोजगार मिल जाएगा तो उनका झोला कौन ढोएगा।

श्री इकबाल ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सामाजिक न्याय के ध्येय से मुसलमानों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। सरकार वक्फ कानून बना कर यतीम, बेवा और गरीब लोगों को उनका हक दिलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राजद और उसके नेता इसका विरोध कर गरीब मुसलमानों की तरक्की रोकना चाहते हैं।

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