विद्या शंकर राय सेलखनऊ , मार्च 21 -- बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समाजवाद की राजनीति की बिसात बिछाने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद किशन चंद त्यागी (के सी त्यागी) ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है। कई मामलों में पार्टी के भीतर लगातार उपेक्षा और राजनीति के 'चाणक्य' माने जाने वाले नीतीश कुमार की चुप्पी ने अंततः त्यागी को इस्तीफे की राह दिखा दी। अब वे नई राह तलाशने में जुटे हुए हैं। केसी त्यागी ने कहा है कि बिहार में नीतीश के बिना जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) की कल्पना नहीं की जा सकती है।

श्री त्यागी ने यूनीवार्ता के साथ विशेष बातचीत में कहा कि वह जल्द ही राजनीतिक तौर पर अपना ठिकाना तलाश लेंगे। जेडीयू को लेकर पूछे गए कुछ सवालों का त्यागी ने बेबाकी से जवाब दिया और कहा कि नीतीश के साथ उनके सम्बंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के बाद बिहार में जो खालीपन आएगा उस शून्यता को नहीं भरा जा सकता है।

पूर्व राज्यसभा सांसद त्यागी से यह पूछे जाने पर कि नीतीश कुमार के बिहार सरकार से अलग होने के बाद वहां जेडीयू का भविष्य क्या होगा, इसपर त्यागी ने कहा, '' बिहार में नीतीश कुमार जेडीयू की आत्मा की तरह हैं। जिस तरह शरीर से आत्मा के निकल जाने के बाद उसका कोई अस्तित्व नहीं रह जाता उसी तरह नीतीश के दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने के बाद बिहार में जेडीयू का क्या भविष्य होगा यह कह पाना बड़ा मुश्किल है। बिहार में कार्यकर्ताओं के मन में नीतीश कुमार को लेकर जो सम्मान था उसकी भरपाई कोई नेता नहीं कर सकता है।''दरअसल, श्री त्यागी के करीबीयों की माने तो उन्होंने नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग की थी। इस मांग का समर्थन केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कई नेताओं ने भी किया था लेकिेन इस मुद्दे पर वह जेडीयू के भीतर ही अलग- थलग पड़ गए।

खासतौर से नीतीश कुमार की चुप्पी ने त्यागी को कठोर फैसला लेने के लिए मजबूर किया। नीतीश कुमार के साथ बिहार में जेडीयू को खड़ा करने में त्यागी ने काफी काम किया था। लेकिन नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद जेडीयू बिहार में कितनी मजबूती से खड़ी हो पाएगी यह तो समय ही बताएगा।

त्यागी से यह पूछे जाने पर कि जेडीयू छोड़ने के बाद अब वह कहां जाएंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा, '' इंतजार कीजीए इसका फैसला 22 मार्च तक हो जाएगा। राजनीति करनी है तो कहीं तो जाना ही होगा लेकिन इसका खुलासा जल्द ही करूंगा। मेरे कुछ राजनीतिक मित्र, समर्थक और कार्यकर्ता 22 मार्च देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए समान विचारधारा वाले व्यक्तियों की एक बैठक का आयोजन कर रहे हैं। हम भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी, डॉ. राम मनोहर लोहिया जी और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेते रहेंगे।''श्री त्यागी से यह पूछे जाने पर कि ऐसी खबरें चल रही हैं कि आप राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का दामन थामेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा, '' मैने आपसे पहले ही कहा कि इंतजार कीजीए। सबकुछ सामने आ जाएगा। अभी किसी भी तरह की अटकलें लगाने का वक्त नहीं है।''नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में त्यागी ने कहा, '' क्या नीतीश कुमार इस सम्मान के हकदार नहीं है। आज नीतीश कुमार जैसा कोई नेता है जो वर्षों की राजनीति के बाद भी बेदाग हो। नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन के अनमोल रत्न हैं और वाकई वो इस सम्मान के हकदार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही चौधरी चरण सिंह और कर्पुरी ठाकुर जैसे नेताओं को सम्मानित किया है।''हालांकि सूत्रों की माने तो केसी त्यागी रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के संपर्क में हैं और वह सीधेतौर से भाजपा में शामिल होने की बजाए रालोद में शामिल होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि 22 मार्च को वह रालोद में जाने का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।

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