पटना , अक्टूबर 20 -- बिहार में अंधकार पर प्रकाश के विजय उत्सव दीपावली का त्योहार आज धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

यदि होली हमारे जीवन में रंग भरने के लिए जानी जाती है तो हमारे जीवन में उजियारा फैलाने के लिए दीपावली का त्योहार है। दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिसे पूरी पवित्रता और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।दीपावली दीपों का त्यौहार है। इस दिन रोशनी का विशेष महत्व होता है।

दीपों के पर्व दीपावली के लिये राजधानी पटना के बाजारों में काफी रौनक देखने को मिल रही है। पर्व को लेकर हर वर्ग में उत्साह है, बाजार में रौनक है और लोग जमकर खरीददारी करने में जुटे हुए हैं। कपड़ा, बर्तन, सर्राफा बाजार से लेकर पटाखों के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी हुई है।दुकानदारों का कहना है कि भले ही महंगाई का जोर हो लेकिन लोगों के उत्साह पर उसका ज्यादा असर नहीं है। हर व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति के मुताबिकखरीददारी कर रहा है। पटाखा बाजारों में भी खरीददारी का दौर चल रहा है। इस बार की खूबी यह है कि चीनी पटाखों की बिक्री नहीं की जा रही है, वहीं लोग देशी पटाखों में भी ज्यादा आवाज वाले नहीं बल्कि ज्यादा रोशनी बिखेरने वाले पटाखे खरीद रहे हैं।

दीपावली में घर को साफ करके सजाने की परंपरा है। दीपावली में मां लक्ष्मी के पूजन में विशेष तौर पर गेंदे के फूल और कमल के फूल का बड़ा महत्व है। शहर के स्टेशन रोड, आर ब्लॉक और बोरिंग रोड समेत तमाम इलाकों में फूल बाजार में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली पटना की इमारतों औरव्यावसायिक प्रतिष्ठान रोशनी से जगमग हैं। यह सजावट छठ महापर्व तक रहेगी। लोगों ने घर में ही पूजा-पाठ कर माता लक्ष्मी को प्रसन्न किया ।

इस दिन लक्ष्मी, गणेश की पूजा करने का विधान है। इसके साथ भगवान राम और सीताजी को भी पूजा जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री रामचंद्रजी चौदह वर्ष का वनवास काटकर तथा रावण का वध कर अयोध्या वापस लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने राम के राज्यारोहण पर दीपमालाएं जलाकर महोत्सव मनाया था। उसी परंपरा को आज भी हम मानते हैं और दीपावली पर दीये जलाकर मर्यादा पुरुषोत्तम राम को याद करते हैं।

इस दिन गणेश जी की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि गणेश पूजन के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। दीपावली धार्मिक कारणों से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी एक अहम पर्व है। ज्यादातर लोग इस दिन घर की पूरी सफाई और रंगाई करते हैं, जिससे जहां पूरे साल सफाई नहीं होती वहां भी सफाई हो जाती है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रकाश पर्व दीपावली की प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि प्रकाश पर्व दीपावली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह अंधेरे से उजाले का संकल्प एवं प्रकाश का महापर्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्नान किया है कि वे प्रकाश पर्व दीपावली को पारस्परिक सौहार्द्र, सद्भाव और उल्लास के साथ मनाएँ ।

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