पटना , मार्च 27 -- बिहार में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

हिंदू धर्म के अनुसार रामनवमी लोगों के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन भगवान हनुमान का दर्शन करके लोग प्रसाद चढ़ाते हैं। रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य मिलता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, रामनवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। इस दिन उपवास और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी बहुत फलदायक है। कहते हैं ऐसा करने से घर में धन-समृद्धि आती है।

राजधानी पटना में रामनवमी को लेकर महावीर मंदिर में आधी रात से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।अहले सुबह से ही भारी संख्या में भक्त महावीर मंदिर पहुंच रहे हैं। आत तड़के दो बजे विशेष पूजा के बाद मंदिर का पट खोल दिया गया, जिसके साथ ही जय सियाराम और जय हनुमान के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।श्रद्धालुओं ने भगवान को लड्डू, माला चढ़ाकर अपने साथ पूरे परिवार के कल्याण की कामना की।मंदिर के बाहर जीपीओ गोलंबर तक कतार लगी है, जहां भक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

महावीर मंदिर सिर्फ पटना ही नहीं, देश के प्रमुख मदिरों में एक है। मदिर का इतिहास करीब तीन सौ साल पुराना है। वर्ष 1713 से 1730 के बीच स्वामी बालानंद के नेतृत्व में इस मदिर की नींव पड़ी। वर्ष 1983 में महावीर मंदिर के जीर्णोद्धार का शिलान्यास किया गया। इसके बाद वर्ष 1985 में मंदिर नए स्वरूप में बन कर तैयार हो गया।

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