, March 18 -- गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में कुल 859 ग्रामीण पथों के उन्नयन की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। इन सभी स्वीकृत पथों की कुल लक्षित लंबाई 3,036 किलोमीटर निर्धारित की गई थी। विभाग ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को तेजी से हासिल करते हुए अधिकांश हिस्सा पूरा कर लिया है और शेष परियोजनाओं को लेकर भी गुणवत्ता के साथ तेजी से काम चल रहा है। ग्रामीण सड़कों के इस उन्नयन अभियान में राज्य के कई जिलों में शानदार कार्य किया गया है। इस दिशा में मधुबनी जिले में बेहतरीन कार्य करते हुए 199 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन पूरा किया जा चुका है। इसी तरह समस्तीपुर जिले में भी 144 किलोमीटर ग्रामीण पथों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके साथ-साथ दरभंगा जिले में भी 137 किलोमीटर लंबी सड़कों का उन्नयन किया गया है। इसके अलावा पश्चिमी चंपारण में 152 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और सीवान जिले में 107 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के उन्नयन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत हो रहे इन कार्यों से बिहार के ग्रामीण जनजीवन में एक नई क्रांति आ रही है। पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि पूरी कर चुकी इन पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण से न केवल यातायात निर्बाध हुआ है, बल्कि किसानों को अपने कृषि उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने में लगने वाले समय और लागत में भी भारी कमी आई है। ग्रामीण कार्य विभाग के निरंतर प्रयास से बिहार के सुदूर गांव अब विकास की मुख्यधारा से मजबूती के साथ जुड़ रहे हैं।
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