, Feb. 3 -- मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के अंतर्गत संचालित "भव्या" परियोजना को ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट (जीडीएचएस) 2024 में इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) के तहत 47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तथा हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के तहत 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (डीएचआईएस) के अंतर्गत 7,835 सरकारी अस्पताल पंजीकृत हैं तथा इस योजना के तहत 37.60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का क्लेम किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।

श्री पांडेय ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन हो रहा है तथा राज्य डिजिटल हेल्थ सेवाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को बिहार भेजा जा रहा है, जिससे वे यहां लागू डिजिटल हेल्थ मॉडल का अध्ययन कर सकें। यह राज्य के लिए गौरव का विषय है। डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत संस्थानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार अब केवल योजनाओं का सहभागी राज्य नहीं, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में देश का नेतृत्व करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) के माध्यम से अब मरीजों को कागजी जांच रिपोर्ट और पर्चियों का बंडल लेकर अस्पताल-दर-अस्पताल भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नागरिकों को आभा आईडी के माध्यम से डिजिटल हेल्थ पहचान प्रदान की जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य अभिलेख सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से उपलब्ध हो रहे हैं।

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