, March 23 -- प्रधान सचिव ने कहा कि तीन दिनों तक चले उद्यान की पाठशाला के तहत् तकनीकी सत्र, चाणक्य हॉर्टी-पिच के माध्यम से स्टार्टअप को समर्थन, बिहार के युवाओं और महिलाओं में उद्यम की ऊर्जा का संचार हुआ। इन सत्रों में एपेडा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के प्रतिनिधियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर किसानों को व्यावहारिक समाधान और नर्सरी से जुड़े नवाचारों से अवगत कराया।
बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के अंदर नर्सरी में उद्यम विकास की अपार सम्भावनाएँ है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिये प्रयास कर रही हैं। राज्य के युवा उद्यमी एवं नर्सरी से जुड़े व्यावसायी को नवीनत्तम तकनीक से बिहार के बागवानी विकास को एक नई दिशा मिलेंगी।
इस अवसर पर विशेष सचिव शैलेंद्र कुमार, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, अपर निदेशक (शष्य) धनंजयपति त्रिपाठी, निदेशक, पीपीएम संतोष कुमार उत्तम सहित कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारी, बिहार के नर्सरी से जुड़े किसान एवं व्यवसायी उपस्थित थे।
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