, April 6 -- जिलाधिकारी ने कहा कि इसकी पुनरावृति रोकने के लिए सभी को सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारियों की टीम की ओर से नौ प्रमुख नालों की जाँच करायी गई है। अनुमंडल पदाधिकारी मॉनसून पूर्व सभी नालों की सम्पूर्ण सफाई की मॉनिटरिंग करें। नालों को अतिक्रमणमुक्त रखें। सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन को तैयार रखना होगा। सम्प हाउस के इन्लेट-आउटलेट का लगातार अनुश्रवण करें। सभी डीपीएस पर पम्प कार्यरत रहना चाहिए। कोई भी यांत्रिक या विद्युत त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। विद्युत आपूर्ति निर्वाध होनी चाहिए। डीजल पम्पसेट एवं मोबाईल पम्पसेट की समुचित व्यवस्था रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि सार्थक संचार तंत्र सफल आपदा प्रबंधन की रीढ़ है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसे सुदृढ़ एवं सक्रिय रखने के निर्देश दिये।

आज की बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डी पी शाही, अधीक्षण अभियंता बाढ़ नियंत्रण, महाप्रबंधक पेसू, समादेष्टाराष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), टीम कमांडर राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी प्रखंडों के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि जिलाधिकारी द्वारा संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ से निपटने के लिये तैयारी की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने अभियंताओं को तटबंधों की 15 जून से पहले मरम्मती एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि संवेदनशील स्थलों पर तटबधों का सुदृढीकरण एवं मरम्मति करें। संचार तंत्र एवं सूचना प्रणाली को सुदृढ़ रखें। शरण स्थलों पर मोबाइल मेडिकल टीम, शौचालय एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। यहां मेडिकल कैंप, शिशु टीकाकरण, प्रसव, भोजन का उपस्कर, बच्चों हेतु विशेष भोजन, मच्छरदानी, सैनिटरी किट के लिए विशेष रूप से निर्मित योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने पुल-पुलियों एवं मुख्य सड़कों विशेषकर जिला मुख्यालय से प्रखंड को जोड़ने वाले लिंक रोड की नियमानुसार मरम्मती एवं संधारण कार्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संकटग्रस्त एवं भेद्य समुदायों का प्रशिक्षण कर क्षमतावर्धन कार्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है।

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