, March 16 -- इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी पैक्सों और एफपीओं को उद्यमी के तौर पर विकसित करना है। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पैक्स किसी एक व्यक्ति का नहीं है, यह एक लोकतांत्रिक संस्था है, इसमें सभी का बराबर अधिकार है। यहां सामाजिक भागीदारी कैसे बढ़े, इसके लिए प्रयास करना होगा। इससे यहां के लोगों को काम के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग पैक्सों की सभी समस्याओं का समाधान करेगा।

इस अवसर पर विभाग के निबंधक, सहयोग समितियां, रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार दिया जाए और आत्मनिर्भर गांव बनाया जाए, जिससेजो लोग गांव से बाहर काम के लिए जा रहे हैं वे गांव में रहकर रोजगार से जुड़ें।

इस मौके पर नाबार्ड, बिहार के मुख्य महाप्रबंधक गौतम सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार, जीटी के कार्यकारी निदेशक रिशु रवि और अपर निबंधक विकास कुमार बरियार ने भी अपनी बातें रखीं।

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य पैक्स को आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, नए उद्यमों की स्थापना तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों के स्तर पर पैक्स प्रतिनिधियों को कृषि आधारित उद्यमों, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, बाजार से जुड़ाव तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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