पटना , अप्रैल 02 -- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने गुरुवार को कहा कि बिहार पुलिस को इस वर्ष 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया पुलिस कलर' जैसा देश का सर्वोच्च और अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान मिलना इस बात का प्रतीक है कि बिहार में सुशासन है।
श्री निषाद ने आज बयान जारी कर कहा कि यह पूरे बिहार के लिए अत्यंत गौरव, सम्मान और हर्ष का विषय है कि बिहार पुलिस को देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि बिहार पुलिस की कार्यशैली, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनता की सेवा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर मान और सम्मान है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि यह सम्मान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार पुलिस ने बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण, सामाजिक शांति बनाए रखने तथा जनविश्वास अर्जित करने की दिशा में उल्लेखनीय और निरंतर उत्कृष्ट कार्य किया है। बिहार पुलिस ने अपने परिश्रम, समर्पण और पेशेवर दक्षता के बल पर न केवल राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दी है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान स्थापित की है।
श्री निषाद ने कहा कि बिहार पुलिस ने जिस प्रकार अनुशासन, आधुनिक कार्यशैली, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ काम किया है, उसी का परिणाम है कि आज बिहार पुलिस को यह सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि बिहार पुलिस की सामूहिक मेहनत, प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट सेवा-भावना की औपचारिक राष्ट्रीय स्वीकृति है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि यह सम्मान बिहार के मुख्यमंत्री श्री कुमार की सुशासन, विधि-व्यवस्था के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता और संस्थागत सशक्तिकरण की नीति का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के नेतृत्व में बिहार में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, पुलिस बल को संसाधन, तकनीक, प्रशिक्षण और प्रशासनिक समर्थन उपलब्ध कराया गया, जिससे बिहार पुलिस की क्षमता और प्रभावशीलता में निरंतर वृद्धि हुई।
श्री निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार की सरकार ने महिलाओं को पुलिस बल में 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की, जिसका परिणाम है कि आज बिहार पुलिस बल में महिलाओं की संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि यह सम्मान केवल बिहार पुलिस का नहीं, बल्कि बिहार के 14 करोड़ लोगों का सम्मान है। यह उपलब्धि संदेश देती है कि समर्पण, अनुशासन और जनसेवा के बल पर बिहार राष्ट्रीय पटल पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
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