, March 24 -- मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि बैंकों द्वारा अनावश्यक दस्तावेज मांगने की प्रथा पर रोक लगाई जानी चाहिए। अधिकांश आवेदन तीन किलोवाट से कम क्षमता वाले हैं। ऐसे मामलों में बैंकों द्वारा पैन कार्ड या आय प्रमाण पत्र जैसे गैर-जरूरी दस्तावेजों की मांग नहीं की जानी चाहिए। सभी बैंकों को इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा तय किए गए मानक दिशा-निर्देशों का ही पालन करना होगा। बैंकों में इसके सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
अगले चार वर्षों में 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों को सोलर सिस्टम से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में अक्टूबर 2026 तक 2.5 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आवेदन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जाएगी योजना के पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक की पांच पंचायतों का चयन किया जाएगा, जिससे पूर्ण आच्छादन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके।
राज्य के हर जिले में एक 'मॉडल सोलर विलेज' विकसित किया जाना है, जिसके लिए चयनित गांव को एक करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शेष 28 जिलों में योग्य गांवों का चयन जल्द पूरा करें और प्रतियोगिता अवधि शुरू कराएं। योजना की निगरानी और गति बढ़ाने के लिए तत्काल नोडल अधिकारियों का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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