नयी दिल्ली , नवंबर 16 -- राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित 44 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार पवेलियन के केंदीय कक्ष में लगी प्रसिद्ध दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा लोगों का मन मोह रही है।

सप्ताहांत के मौके पर बिहार पवेलियन में काफी भीड़ देखने को मिली। आगंतुक दीदारगंज के यक्षी की प्रतिमा के सामने सेल्फी और फोटो लेते दिखे।

इसके अलावा बिहार म्यूजियम में लगे फास्टिंग बुद्धा, गणेश प्रतिमा, गांधी जी की प्रतिमा ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया l वहीं लोग पवेलियन के स्टालों पर सिकी आर्ट, मिथिला पेंटिंग, सिल्क एवं हैंडलूम की शूट और साड़ी तथा हस्तकरघा के उत्पादों की खरीदारी करते नजर आए।

गौरतलब है कि देश की प्राचीन मूर्तिकला का अनमोल धरोहर मानी जाने वाली दीदारगंज यक्षी आज भी अपने अद्वितीय सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के कारण विश्वभर के शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कर रही है। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व (मौर्य काल) की यह उत्कृष्ट प्रतिमा बिहार के पटना जिले के दीदारगंज क्षेत्र में मिली थी। वर्तमान में भारतीय कला के इतिहास में इसे सर्वोत्तम शिल्पकृतियों में गिना जाता है।

बिहार पवेलियन निदेशक संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब हर कोई व्यापार मेला में पहुंचकर इस प्राचीन यक्षी मूर्ति को बेहद करीब से देख सकता है जो इससे पहले केवल संग्रहालयों में ही देखने को मिलती थी। यह प्रस्तुति न केवल बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित कर रही है, बल्कि लोगों को 2300 साल पुराने भारतीय इतिहास से सीधे जोड़ रही है।

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