, Feb. 27 -- मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रमुख प्रो. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि हमारे देश के कर्णधार युवा ही राष्ट्र का भविष्य निर्धारण करेंगे। इनके बल पर ही भारत विकसित देश एवं विश्वगुरु बनेगा। आज हमें युवाओं को पुनः निखारने, संवारने और जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विकसित भारत-2047 के लिए नींव के पत्थर हैं। हम अपनी संस्कृति, विरासत, दर्शन एवं संस्कार के कारण महान थे, हैं और रहेंगे।

अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए एनएसएस समन्वयक डॉ.आर. एन चौरसिया ने कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं को संसद जैसी संरचना में विचार रखने का अवसर देता है, जिससे उनकी न केवल वक्तृत्व कला और तार्किक क्षमता विकसित होती है, बल्कि उन्हें लोकतंत्र की बारिकियों एवं जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी मिलता है। इसका उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना, राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा लोकतंत्र की चुनौतियां एवं सबक पर चर्चा करना है। इससे युवाओं में नीति निर्माण, आत्मविश्वास, वाकपटुता, समय-प्रबंधन एवं नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों का स्वत: विकास होता है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है। आज युवा केवल श्रोता या दर्शक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी भी हैं।

कार्यक्रम में यूथ आइकॉन के रूप में एनएसएस स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा ने युवाओं के विकास के लिये विभिन्न प्लेटफार्मों की विस्तार से चर्चा करते हुए माय भारत पोर्टल का महत्व बताया और कहा कि भारत आज तेजी से उभरता हुआ राष्ट्र है, जिसे हमारे युवा गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल से हमें बहुत बड़ी सीख मिली है। लोकतंत्र में वास्तविक सत्ता जनता के पास होती है।

अध्यक्षीय संबोधन में माय भारत, दरभंगा के जिला युवा समन्वयक राकेश कुमार ने प्रतियोगिता के नियमों एवं आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 2017 से ही चल रहा है जो जिला, राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर आयोजित की जाती है। इसमें माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत युवा ही भाग ले सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हमारे युवा फिजिकली, मेंटली एवं डिजिटल आगे बढ़े और राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल होकर भारत को 2047 तक विकसित बनाएं। आज युवा देश की नीति निर्धारण एवं सक्रिय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रतियोगिता का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर, मोमेंटो एवं बुके से किया गया। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय वाणिज्य एवं प्रबंधन के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार साह ने किया।

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