, April 16 -- डॉ. त्यागराजन ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जा रही है। इसके अंतर्गत घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने की विधि, निर्धारित प्रपत्रों को सही ढंग से भरने के तरीके, तथा डेटा संकलन में पारदर्शिता एवं सटीकता बनाए रखने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा प्रविष्टि की भी जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण में यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियों का पालन करें। इसमें नागरिकों से विनम्र व्यवहार, गोपनीयता बनाए रखना, तथा सही एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करना प्रमुख बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।
डॉ. त्यागराजन ने बताया कि जिला जनगणना कोषांग, पटना की ओर से इस कार्य की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता उच्च स्तर की बनी रहे और सभी कर्मी पूर्ण दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि जनगणना, 2027 का यह चरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए।
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