, Feb. 18 -- हरसिंगपुर गांव की इस भीषण जल संकट की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कुछ दिन पहले ग्रामीण विकास विभाग ने यहां जल संचयन के लिए चेक डैम बनवाने का निर्णय लिया। इसी निर्णय के अनुसार यहां मनरेगा के तहत नौ लाख 84 हजार रुपए की लागत से डैम का निर्माण कराया गया। अब गांव में वर्षा जल संचयन की दिशा में चेक चैम के बन जाने से किसानों के लिए 250 एकड़ कृषि भूमि सिंचाई की गारंटी सुनिश्चित हुई है। साथ ही करीब 500 पशुधन के नहाने, सफाई और पीने के लिए जल की उपलब्धता आसानी के साथ हो पा रही है। इस चेक डैम से अभी तक 670 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से अब यहां सब्जी, तिलहन, दलहन की खेती भी शुरू कर दी गई है। गांव में ही जलस्रोत के बन जाने से कई तरह की खुशहाली लौट आई है। मुख्य रूप से इस क्षेत्र में हरियाली एवं पर्यावरणीय संतुलन में काफी सुधार हुआ है।
हरसिंगपुर गांव के किसान शंकर यादव ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत बने चेक डैम से हमारे गांव में पानी की समस्या समाप्त हो गई है। अब खेती, पशुपालन एवं रोज़गार में काफी सुधार हुआ है।
किसान उमेश यादव ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत चेक डैम निर्माण कार्य जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास की दिशा में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ है। यह योजना स्थायी जल प्रबंधन, कृषि विकास एवं ग्रामीण जीवन स्तर सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित