पटना, नवंबर 15 -- लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को कहा कि बिहार विधानसभा सभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक (राजग) की प्रचंड जीत का उन्हें पूर्वानुमान था और महागठबंधन दूर दूर तक कहीं मुक़ाबले में नही दिख रहा था।
श्री पासवान ने आज यहां पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राजनीतिक जीवन का पराभव 2005 में नीतीश कुमार के आने के बाद ही हो गया था। उन्होंने कहा कि 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दामन थामने से उन्हें संजीवनी मिली थी। पुनः अलग होने के बाद उनकी पार्टी हाशिये पर चली गयी। उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में राजद के राजनीतिक उदय को लोगों ने पार्टी की बढ़ती ताकत से जोड़ा, जबकि वास्तविकता यह थी कि पांच साल पहले राजग के बंटे होने का उन्हें लाभ मिला था। उन्होंने कहा कि 2020 में लोजपा (रामविलास) अकेले लड़ी थी, जिसका उनकी पार्टी और राजग दोनो को नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि इस बार राजग की एकता देखने लायक थी। सभी पांचों घटक दल एकजुट थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तालमेल से प्रचार किया उससे जनता का राजग में आत्मविश्वास बहुत बड़ा। उन्होंने उन सभी अफवाहों का खंडन किया जिसमें कहा जाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी नही बनती है।
लोजपा (रामविलास) के नेता ने कहा कि एक तरफ जहां राजग एकजुट था, वहीं महागठबंधन के घटक दल आखिरी समय तक सीट बंटवारे के लिए लड़ते रहे। यहां तक कि उनके गठबंधन में मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा भी काफी आनाकानी के बाद हुई थी।
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