पटना , दिसम्बर 10 -- बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि बिहार चुनाव अभियान के दौरान विपक्ष ने प्रदेश में पलायन, बेरोजगारी, गरीबी और उद्योग से सम्बंधित आंकड़े तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किये और जनता को भ्रमित करने एक प्रयास किया।
श्री यादव ने आज एक सोशल मीडिया पर संवाद के दौरान कहा कि जातीय सर्वेक्षण के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार बिहार से लगभग 54 लाख लोग राज्य के बाहर रहते हैं, जिनमें से करीब 45 लाख लोग बाहर रोजी रोटी की तलाश में गये हैं। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरन विपक्ष ने झूठा दावा किया कि प्रदेश से दो करोड़ नौ लाख लोग पलायन कर गये हैं और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत उन नामों को भी अपने आंकड़े में शामिल कर लिया, जिनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे, जो बिहार में ही रहकर काम करते हैं।
जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि बेरोजगारी के मामले में भी विपक्ष ने भ्रामक बयानबाजी की, जबकि सच्चाई यह है कि बिहार में लगातार रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपने वादे से आगे बढ़ कर प्रदर्शन किया और प्रदेश की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान रोजगार के कुल 50 लाख से अधिक अवसर आने से बेरोजगारी दर में साफ तौर से गिरावट आई है।
श्री यादव ने प्रदेश में गरीबी को लेकर विपक्ष के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सामाजिक-आर्थिक स्थिति के सूचकांकों के मुताबिक बिहार में गरीबी में भारी कमी आई है। वर्ष 2005 में जहाँ गरीबी 54.40 प्रतिशत थी, वहीं लगातार किए गए विकास कार्यों के परिणामस्वरूप यह घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री श्री कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से हुआ है।
जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि उद्योगधंधों के विकास को लेकर भी विपक्ष का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में महज 46 बड़े उद्योग थे, वहीं 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 94 हो चुकी है। औद्योगिक इकाइयाँ 1,674 से बढ़कर 3,500 से अधिक हो गई हैं और लघु, सूक्ष्म एवं माध्यम उद्योगों(एमएसएमई) में तो अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
श्री यादव ने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर में भी बदलाव आया है और वह 7.78 प्रतिशत से बढ़कर 13.09 प्रतिशत हो गई है। कृषि विकास दर, जो 2005 से पहले नकारात्मक थी, आज बढ़कर 9.45 प्रतिशत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कृषि प्रदेश में रोडमैप और राज्य सरकार की सतत नीतियों का सीधा परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की योजनाओं के अनुसार 2025 से 2030 के बीच बिहार के तीव्र औद्योगीकरण देखने को मिलेगा, जिसमे रोजगार देने की शर्त पर 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाले उद्योगों को 25 करोड़ रुपये का भूमि अनुदान और अन्य प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि बिहार आज उन राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है जो देश के शीर्ष दस आर्थिक रूप से उन्नत राज्यों में गिने जाते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे रोजगार और उद्योग बढ़ेंगे, प्रदेश में गरीबी और पलायन स्वतः घटेंगे और जो 45 लाख लोग आज बाहर काम कर रहे हैं, वे अपने घरों में लौट आयेंगे, जिसकी शुरुआत हो चुकी है।
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