पटना , नवंबर 11 -- बिहार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में दोपहर तीन बजे तक 60.40 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, गुरूवार सुबह सात बजे से 122 विधानसभा क्षेत्रों के 45399 मतदान केंद्रों पर जारी मतदान में दोपहर तीन बजे तक 60.40 प्रतिशत वोट पड़े हैं। किशनगंज जिले में सबसे अधिक 66.10 प्रतिशत जबकि नवादा जिले में सबसे कम 53.17 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया है।
पश्चिम चंपारण जिले में 61.99 प्रतिशत, पूर्वी चंपारण जिले में 61.92 प्रतिशत, शिवहर जिले में 61.85 प्रतिशत, सीतामढ़ी जिले में 58.32 प्रतिशत, मधुबनी जिले में 55.53 प्रतिशत,सुपौल जिले में 62.6 प्रतिशत, अररिया जिले में 59.80 प्रतिशत, पूर्णिया जिले में 64.22 प्रतिशत, कटिहार जिले में 63.80 प्रतिशत, भागलपुर जिले में 58.37 प्रतिशत, बांका जिले में 63.03 प्रतिशत, कैमूर जिले में 62.26 प्रतिशत, रोहतास जिले में 55.92 प्रतिशत, अरवल जिले में 58.26 प्रतिशत, जहानाबाद जिले में 58.72 प्रतिशत, औरंगाबादजिले में 60.59 प्रतिशत, गया जिले में 62.74 प्रतिशत और जमुई जिले में 63.33 प्रतिशत मतदान की सूचना मिली है।
सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि रुन्नीसैदपुर राजकीय मध्य विद्यालय बूथ संख्या 270 पर जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट गौतम कुमार के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कटिहार से प्राप्त समाचार के अनुसार जिले के कोढ़ा विधानसभा के बूथ संख्या 35 उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल मोरसंडा में बौनापन की शिकार मुसंडा निवासी दो सगी बहन पूजा कुमारी एवं राखी कुमारी ने पहली बार मतदान किया। दोनों बहनों ने कहा कि वोट डालना नागरिकों का दायित्व एवं प्रथम कर्तव्य भी है। सभी को मतदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट सिर्फ मतदाता का नहीं, बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी लिखता है। पोस्ट ग्रेजुएट सगी बहनों ने कहा कि बिहार को सशक्त बनाने के लिए मतदान किया है और पहली बार मतदान में हिस्सा ले कर उन्हें बहुत खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा है कि सरकार और राज्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा रही हूं। हमारे लिए यहगौरव के पल हैं।
किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत पथरिया पंचायत के वार्ड संख्या 06 स्थित योगी टोला गांव में एकअनोखा उदाहरण सामने आया है। यहां 100 वर्षीय वृद्धा टटू टुडू का निधन सुबह में हो गया। परिवार में शोक का माहौल था, लेकिन इसके बावजूद लोकतंत्र के प्रति उनकी निष्ठा और जिम्मेदारी की भावना देखने लायक रही।वृद्धा के निधन के बावजूद उनके परिजनों ने शव को घर में रखकर कर्मकांड से पहले अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग किया। परिवार के कुल 12 सदस्य ठाकुरगंज विधानसभा के बूथ संख्या 345 पर पहुंचे और शांतिपूर्वक मतदान किया।स्थानीय मतदाताओं ने बताया कि टटू टुडू हमेशा मतदान के महत्व पर जोर देती थीं और कहा करती थीं कि लोकतंत्र की असली ताकत वोट है। परिवार का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।
दूसरे चरण के मतदान के दौरान जहां युवा मतदाता उत्साह से आगे दिखे, वहीं बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।उम्र और शारीरिक कमजोरी बुजुर्गों के कदमों को धीमा भले कर रही थी, लेकिन मतदान केन्द्र तक पहुंचने की उनकी जिद लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था को बयान कर रही है। कैमूर में मोहनिया के अमरपुरा बूथ संख्या 180 में 110 साल की महिला को परिजन खाट पर लेकर वोट देने पहुंचे।पूर्णिया के बूथ नंबर 126 पर वोटिंग के लिए 100 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग मतदान के लिये पहुंचे।बेतिया के चनपटिया में 90 साल के एक बुर्जुग को को उनके पुत्र साइकिल पर बैठकर वोटिंग के लिए मतदान केन्द्र पहुंचे। बुजुर्ग मतदाताओं के इस उत्साह ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की ताकत केवल युवाओं की संख्या में नहीं, बल्कि सभी पीढ़ियों की सक्रिय और सजग भागीदारी में छिपी है। बुर्जुग मतदातातों ने कहा कि वोट देना न सिर्फ उनका अधिकार, बल्कि जिम्मेदारी भी है। दरअसल लोकतंत्र की ताकत सभी पीढ़ियों की भागीदारी में है।
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