नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- चुनाव आयोग ने बिहार में शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देशों के अनुपालन के लिए राज्य की सीमाओं पर निगरानी की एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की।

आयोग ने गुरुवार को एक बैठक में राज्यों के प्रशासनिक, पुलिस, केंद्रीय पुलिस बलों, रेलवे तथा केंद्र तथा राज्यों की प्रवर्तन एजेंसियों को सीमावर्ती जिलों पर विशेष सतर्कता बरतने और कानून व्यवस्था को बनाये रखने को कहा है। आयोग ने सीमाओं को सील किये जाने की जरूरत के बारे में भी चर्चा की है।

बिहार की 243 सदस्यी विधान सभा के लिए चुनाव दो चरणों में छह और ग्यारह नवंबर को कराया जाएगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। राज्य की नयी सूची में लगभग 7.5 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार प्राप्त है।

आयोग की एक विज्ञप्ति के अुनसार आयोग ने बिहार से जुड़े अंतर-राज्यीय सीमा मुद्दों पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और उनके गृह विभाग के प्रमुख सचिवों के साथ समन्वय को लेकर बैठक की। इसमें गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर बिहार और उसके पड़ोसी राज्यों में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इसका उद्येश्य अंतर-राज्यीय और नेपाल से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कड़ी नजर रखना है ताकि हथियार, असामाजिक तत्वों, शराब, नशीले पदार्थों और मुफ्त उपहारों सहित मानव, सामग्री और धन की आवाजाही पर कड़ाई से नज़र रखी जा सके।

इस बैठक में सीमावर्ती जिलों में निगरानी और सीमाओं को सील करने की जरूरतों पर विशेष रूप से चर्चा की गयी। आयोग ने चुनाव के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिये हैं।

श्री ज्ञानेश कुमार ने स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त चुनावों के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और सभी हितधारकों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए निरंतर सजग तरीके से काम करने का आह्वान किया।

आयोग ने मतदान के दिन मतदाताओं की सुविधा और संतोष सुनिश्चित करने हेतु मतदाता-सुविधा निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की। मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि वे बिहार विधानसभा के 2025 के आम चुनाव को शांतिपूर्ण और प्रलोभन-मुक्त सुनिश्चित करें।

झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक को निर्देश दिया गया कि वे बिहार की सीमा से लगे क्षेत्रों में कड़ी सतर्कता सुनिश्चित करें और अंतरराज्यीय चौकियों पर जाँच बढ़ाएँ।

विज्ञप्ति के अनुसार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), आयकर विभाग, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) सहित केंद्रीय एजेंसियों को चुनाव से पहले प्रयासों को तेज करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकतम जब्ती करने का निर्देश दिये गये हैं।

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