, March 23 -- इस दिशा में वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना को लेकर आवंटित राशि में से 86.42 प्रतिशत राशि व्यय की जा चुकी है। साथ ही पंचवर्षीय रूटिन अनुरक्षण/त्रुटि निवारण अवधि से बाहर हुए ग्रामीण पथों का पुनर्निर्माण उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य भी कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 16331 पथों का निर्माण कार्य कराया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन पक्की सड़कों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां कच्ची और जर्जर सड़कों के कारण आपात स्थिति में मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं आज बारहमासी पक्की सड़कों के निर्माण से एम्बुलेंस सीधे मरीजों के दरवाजे तक पहुंच रही है। इससे न केवल आपात अवस्था में गंभीर मरीजों की जान बच रही है, बल्कि गर्भवती महिलाओं का समय पर अस्पताल पहुंचना सुनिश्चित हुआ है।
दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में भी इन सुदृढ़ सड़कों ने एक बड़ा बदलाव सुनिश्चित किया है।
पहले बरसात के दिनों में जलजमाव और कीचड़ के कारण अक्सर बच्चों का स्कूल जाना बाधित हो जाता था, लेकिन अब सुलभ संपर्कता के कारण न सिर्फ स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ी है, बल्कि उच्च शिक्षा के लिए शहर जाने वाली छात्राओं के ड्रॉपआउट रेट में भी भारी कमी आई है। गाँव की बेटियां अब बिना किसी डर और बाधा के साइकिल योजना का लाभ उठाते हुए स्कूल और कॉलेज का सुरक्षित सफर तय कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास से न केवल निर्बाध आवागमन सुलभ हुआ है, बल्कि राज्य के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा प्राप्त हुई है।
पक्की सड़कों के निर्माण से गाँव तरक्की की राह पर अग्रसर हुआ है। ग्रामीण कार्य विभाग राज्य के सुदूर क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा अपने निर्धारित लक्ष्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
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