, Feb. 13 -- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य का मातृ - मृत्यु अनुपात (एमएमआर) भी घटकर 104 हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 2030 के अनुरूप इसे चरणबद्ध तरीके से 70 तक लाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव दर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार संस्थागत प्रसव दर 76.2 प्रतिशत तक पहुंची है। राज्य में पूर्ण टीकाकरण कवरेज भी 93 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य तंत्र की सुदृढ़ता का प्रमाण है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमृत ने कहा, "यह सहयोग केवल कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रणाली सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है।"गेट्स फाउंडेशन की भारत निदेशक श्रीमती अर्चना व्यास ने कहा, "हम बिहार राज्य के साथ इस साझी यात्रा को आगे बढ़ाने पर गर्व महसूस करते हैं। हमारा उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण के परिणामों में सुधार करना, रोग एवं गरीबी के बोझ को घटाना, और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तथा आजीविका के अवसरों तक पहुँच को मजबूत बनाना है। इस सहयोग ज्ञापन के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन अपने भागीदारों के साथ मिलकर स्वास्थ्य, कृषि एवं ग्रामीण विभागों में सरकार को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।"इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, गेट्स फाउंडेशन के निदेशक स्वास्थ्य रजनी वैद्य, गेट्स फाउंडेशन के उपसचिव, स्वास्थ्य डॉ देवेन्द्र खंडैत, गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि आकाश, डॉ हेमंत शाह, विनोद दुबे एवं राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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