छपरा , जनवरी 21 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में सारण जिले में चल रही विकास कार्यों की समीक्षात्मक बैठक में कहा कि बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिये सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के प्रमुख उद्देश्यों में एक उद्देश्य 'कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि भी शामिल है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप को तेजी से लागू किया जा रहा है। साथ ही मखाना के लिये रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में "सुधा" बिक्री केंद्र की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे एक ओर जहां राज्य में कृषि का विकास होगा वहीं दूसरी ओर किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी तथा लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी।
श्री कुमार ने समीक्षा बैठक के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रगति यात्रा से संबंधित जिन योजनाओं की स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से करें। सात निश्चय-2 के तहत जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उनका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत जो योजनाएं निर्धारित की गई हैं उस पर बेहतर ढंग से कार्य शुरू करें। अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित कर पूर्ण करें।
श्री कुमार ने कहा कि सरकार लोगों के हित में कार्य कर रही है, उसके लिये कई योजनायें चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित