पटना , दिसंबर 08 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने सोमवार को कहा कि राज्य के 31 जिलों में 14 से 18 दिसंबर तक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि जब तक विश्व में कहीं भीपोलियो का संक्रमण जारी है तब तक देश में भी पोलियो वायरस के फिर से आने का खतरा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस खतरे से बचाव के लिए राज्य के 31 जिलों (बांका, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया, रोहतास,शेखपुरा एवं शिवहर को छोड़कर) में 14 से 18 दिसंबर तक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के हर एक बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस अभियान के दौरान मुख्य ट्रांजिट स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं चौक चौराहों से गुजरने वाले बच्चें पर विशेष ध्यान देते हुए प्रतिरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के लिए ट्रांजिट स्थलों पर प्रशिक्षित टीका कर्मियों को लगाया जाएगा।

श्री पांडेय ने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में 2025 तक पोलियो वायरस के संक्रमण के मामले सामने आये हैं, जिससे सीमावर्ती एवं आवागमन प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता और टीकाकरण और भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केंद्र के निर्देशों का पालन करते हुए पल्स पोलियो के लिए टीकाकरण अभियान को चलाएगी। जिसमें टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ इसकी निगरानी, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और जन-जागरूकता पर मुख्य फोकस रखा जाएगा। अभियान के दौरान दूर - दराज के क्षेत्रों और भ्रमणशील आबादी के बच्चों को पोलियो की खुराक भी पिलाई जाएगी। एक भी बच्चा छूटे नहीं इसके लिए विशेष निगरानी दल कर शत प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित करेंगे।

मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान नवजात शिशुओं को पोलियो की खुराक पिलाए जाने के बाद नियमित टीकाकरण के ड्यू लिस्ट में भी समाहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के लिए सभी 31 जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स बैठकें आयोजित की जाएगी जिससे अभियान की रणनीति, संसाधन और माइक्रो-प्लान को अंतिम रूप दिया जा सके। हर प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की सहभागिता के साथ टास्क फोर्स मीटिंग कर बच्चों की सूची, हाई-रिस्क क्षेत्रों की पहचान और हर बूथ तक वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ।

श्री पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के "शत-प्रतिशत प्रशिक्षण" को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान विभाग शत प्रतिशत आच्छादन लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ अभियान की उच्च गुणवत्ता को बनाए रखने में सफल होगा।

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